Vijay Sangharsha

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कोरोना का कहर और हम : जुलाई में मिल सकती है जीत !

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कोरोना वायरस के संकट के इस दौर में एक खुशखबरी मिल रही है कि इसका प्रकोप हिंदुस्थान से 25 जुलाई को खत्म हो जाने की उम्मीद है। यह बताया है सिंगापुर यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड डिजाइन ने। यूनिवर्सिटी की स्टडी के अनुसार कोरोना वायरस का प्रकोप हिंदुस्थान से 25 जुलाई को विदा हो जाएगा।
वैसे, इसका संकट कब खत्म होगा? यह सवाल दुनिया के करोड़ों लोगों के मन में है। सिंगापुर यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड डिजाइन का कहना है 25 जुलाई का दिन देश के लिए अहम हो सकता है। यूनिवर्सिटी का अनुमान है कि इस महामारी का जीवन चक्र अब कई देशों में अंतिम अवस्था की ओर बढ़ रहा है। यूनिवर्सिटी की डेटा ड्रिवन इनोवेशन लैब ने सर (ससेप्टेबल-इंफेक्टेड-रिकवर्ड) मॉडल के जरिए 130 देशों के आंकड़ों का अध्ययन करने के बाद ऐसा अनुमान पेश किया है। जबकि दुनिया के स्तर पर कोविड-19 का प्रकोप दिसंबर तक ही कम हो सकने की उम्मीद है। दूसरी तरफ आईआईटी रोपड़, पंजाब ने कोरोना वायरस के संदिग्धों को पता लगाने के लिए एक खास उपकरण को विकसित करने में कामयाबी हासिल कर ली है। हालांकि इसका अभी क्लीनिकल ट्रायल बाकी है। इंस्टीट्यूट के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर रविबाबू मूलवीशला ने कहा कि यह उपकरण यानी इंफ्रा रेड विजन सिस्टम खुद से यह पता करने में सक्षम है कि व्यक्ति स्वस्थ्य है या फिर संदिग्ध। रिमोट से नियंत्रित यह उपकरण दूर से ही शरीर का तापमान मापकर कोरोना के लक्षणों को पहचान सकेगा। यह उपकरण हमारे चेहरे की इंफ्रारेड तस्वीर लेकर वायरलेस तरीके से इसे जांच मशीन तक भेजा जाता है। फिर दो सेंकड के अंदर मशीन यह पता लगा देती है कि संबंधित व्यक्ति स्वस्थ है या फिर संदिग्ध। कोरोना के खिलाफ जंग में यह उपकरण एक अहम हथियार साबित हो सकता है। शोधकर्ता के मुताबिक यह कम लागत वाला एक छोटा उपकरण है और यह सुरक्षित तरीके से बिना किसी इंसानी दखल के फैसले ले सकता है। उपकरण 160 गुने 120 पिक्सल रेजोल्यूशन के साथ तापमान की माप करता है। इस उपकरण का वजन 400 ग्राम से भी कम है। यह उपकरण बुखार और सर्दी को भी पकड़ने में सक्षम है। शोधकर्ताओं ने बताया कि इंफ्रारेड विजन सिस्टम शरीर से निकलने वाले इंफ्रारेड विकरण को परखेगा और यह तय करेगा कि इंसान को बुखार है या नहीं। शोधकर्ताओं ने कहा कि इसका इस्तेमाल रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट बस अड्डों, मॉल और सिनेमा घरों में किया जा सकता है। जो जांच प्रक्रिया के दौरान संक्रमण के जोखिम को कम करने में मददगार साबित होगा। यह उपकरण शरीर के तापमान के आधार पर संदिग्ध का पता लगाने में सक्षम है।

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